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God of Cricket Sachin Tendulkar Biography in Hindi

Sachin Tendulkar Biography in Hindi : आज हम यहां God of Cricket सचिन तेंदुलकर की जीवनी आपके साथ साझा करने जा रहे हैं, जिसे क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।

Sachin Tendulkar Biography

Sachin Tendulkar Biography in Hindi

सचिन तेंदुलकर का जन्म 14 अप्रैल 1973 को मुंबई में हुआ, इनका पूरा नाम सचिन रमेश तेंदुलकर है। उसका नाम उसके माता-पिता ने अपने पंसदीदा संगीत निर्देशक सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा।

नाम – सचिन रमेश तेंदुलकर
पिता – रमेश तेंदुलकर
माता – रजनी तेंदुलकर
पत्नी – अंजलि तेंदुलकर
जन्मदिन – 14 अप्रैल 1973
उपनाम – मास्टर ब्लास्टर, द लिटल चैम्पियन, तेंदेल्या, क्रिकेट के भगवान
बल्लेबाजी की शैली – दायें हाथ
गेंदबाजी की शैली – दायें हाथ लेग स्पिन, ऑफ स्पिन, मध्यमगति

सचिन को बचपन में क्रिकेट से कोई विशेष लगाव नहीं था, लेकिन उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिये प्रोत्साहित किया, क्रिकेट में शामिल होने पर वह तेज गेंदबाज बनना चाहता था।

इसलिए डेनिस लिली से प्रशिक्षण के लिए एम. आर. एफ. पेस एकेडमी में गया। तब उसे बताया गया कि उसे बल्लेबाजी पर ध्यान लगाना चाहिए।

सचिन तेंदुलकर का जीवन परिचय : सचिन तेंदुलकर ने समय के साथ रनों का अम्बार लगा दिया है। उन्होंने 29 जून, 2007 को दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध बेलाफास्ट (आयरलैंड) में खेलते हुए एक दिवसीय मैचों में 15000 रन पूरे कर लिए। इतने रन बनाने के बाद सचिन।

विश्व के ऐसे प्रथम खिलाड़ी बन गए, जिंन्होंने इतने बड़े आंकड़े को छुआ है। वास्तव में सचिन क्रिकेट का हीरो और एक ऐसा रोल मॉडल है जिसे सभी भारतीय पसन्द करते हैं।

कल की सी बात लगती है जब सचिन तेंदुलकर क्रिकेट क्षेत्र में उतरा-एक घुंघराले बालों वाला 15 वर्षीय सचिन, जिसकी भर्राई सी आवाज ने लोगों के दिल में स्थान बना लिया।

वह लगभग 15 वर्ष का ही था जब उसने 1988 में स्कूल के क्रिकेट मैच में काम्बली के साथ 664 रन बनाए थे। लोग उसके खेल का करिश्माई अंदाज़ देखते ही रह गए थे।

इसके बाद उसका क्रिकेट के मैदान में अन्तरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन इतना अच्छा रहा है कि लोग कहते हैं कि वह वाकई लाजवाब है।

सचिन तेंदुलकर ने 1989-90 में कराची में पाकिस्तान के विरुद्ध अपना पहला टैस्ट मैच खेल कर अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत की थी।

तब से अब तक के कैरियर में सचिन ने उन ऊंचाइयों को छू लिया है, जिसे छूना किसी अन्य क्रिकेट खिलाड़ी के लिए शायद ही सम्भव हो सके।

आक्रामक बल्लेबाजी उसका अंदाज है। उसका बल्ला यूं घूमता है कि दर्शकों को अचम्भित कर देता है। यदि वह जल्दी आउट भी हो जाता है तो भी अक्सर अपना करिश्मा दिखा ही जाता है।

गेंदबाजी में भी वह अपना करिश्मा कभी-कभी दिखा देता है। एक दिवसीय मैचों में दस हजार से अधिक रन बनाने वाला वह पहला बल्लेबाज है। उसने सौ से अधिक विकेट लेने का करिश्मा भी दर्शकों को दिखाया है। सचिन ने दर्शकों के मानस पटल पर अपने खेल की अविस्मरणीय छाप छोड़ी है।

उसने 20 टैस्टों और एक दिवसीय मैचों में अनेकों शतक व हजारों रन बना डाले हैं जितने आज तक कोई नहीं बना सका है।

सचिन तेंदुलकर का दैनिक जीवन

जब सचिन केवल 11 वर्ष का था, तब वह बेहद शैतान था। मां-बाप को वह अपनी शैतानियों से परेशान करता रहता था।

एक बार वह शैतानी करते हुए पेड़ से गिर गया। तब सचिन के बड़े भाई अजीत के दिमाग में विचार आया कि उसे क्रिकेट की कोचिंग क्लास के लिए भेज दिया जाए ताकि उसकी अतिरिक्त ऊर्जा खेलों में खर्च हो सके।

कहा जा सकता है कि यह सचिन की अतिविशिष्ट जिन्दगी की शुरुआत थी। आज सचिन 100 टैस्ट मैच खेलने वाला विश्व का 17वां खिलाड़ी बन चुका है।

सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के विरुद्ध प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैच खेला था। तब सचिन केवल 16 वर्ष का था और प्रथम पारी में वह बहुत ही नर्वस व घबराया हुआ था।

सचिन को तब यूं महसूस हुआ था कि शायद वह जिन्दगी में आगे अन्तरराष्ट्रीय मैच और नहीं खेल सकेगा। अकरम और वकार की तेज गेंदों के सामने वह केवल 15 रन ही बना सका था।

लेकिन दूसरे टेस्ट में जब उसे खेलने का मौका मिला तब उसने 59 रन बना लिए और उसके भीतर आत्मविश्वास जाग उठा। सचिन देखने में सीधा-सादा इंसान है। वह अति प्रसिद्ध हो जाने पर भी नम्र स्वभाव का है। वह अपने अच्छे व्यवहार का श्रेय अपने पिता को देता है। उसका कहना है-

”मैं जो कुछ भी हूं अपने पिता के कारण हूँ। उन्होंने मुझ में सादगी और ईमानदारी के गुण भर दिए हैं। वह मराठी साहित्य के शिक्षक थे और हमेशा समझाते थे कि जिन्दगी को बहुत गम्भीरता से जीना चाहिए।

जब उन्हें अहसास हुआ कि शिक्षा नहीं, क्रिकेट मेंरे जीवन का हिस्सा बनने वाली है, उन्होंने उस बात का बुरा नहीं माना। उन्होंने मुझसे कहा कि ईमानदारी से खेलो और अपना स्तर अच्छे से अच्छा बनाए रखो। मेहनत से कभी मत घबराओ।”

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट करियर

सचिन को भारतीय क्रिकेट टीम का कैप्टन बनाया गया था, परन्तु 2000 में उन्होंने मोहम्मद अजहरूद्‌दीन के आने के बाद वह पद छोड़ दिया।

सचिन, जिसे सुपर स्टार कहा जाता है, जीनियस कहा जाता है, जिसका एह-एक स्ट्रोक महत्त्वपूर्ण माना जाता है, अपने पुराने मित्रों को आज भी नहीं भूला है चाहे वह विनोद काम्बली हो या संजय मांजरेकर।

जब मुम्बई की टीम में सचिन ने खेलना आरम्भ किया था तो संजय ने राष्ट्रीय टीम की ओर से खेला था। ये दोनों पुराने मित्र हैं। क्रिकेट के अतिरिक्त सचिन को संगीत सुनना और फिल्में देखना पसन्द है।

सचिन क्रिकेट को अपनी जिन्दगी और अपना खून मानते हैं। क्रिकेट के कारण प्रसिद्धि पा जाने पर वह किस चीज का आनन्द नहीं ले पाते-यह पूछने पर वह कहते हैं कि दोस्तों के साथ टेनिस की गेंद से क्रिकेट खेलना याद आता है।

29 वर्ष और 134 दिन की उम्र में सचिन ने अपना 100वां टैस्ट इंग्लैण्ड के खिलाफ खेला। 5 सितम्बर, 2002 को ओवल में खेले गए इस मैच से सचिन 100वां टैस्ट खेलने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन गया।

अन्तरराष्ट्रीय मैचों में 20000 रन बनाने वाला वह एकमात्र खिलाड़ी बन गया है। उसने 102 टेस्ट मैचों में खेली गई 162 पारी में 8461 रन बनाने के अतिरिक्त 300 एक दिवसीय मैचों में 11544 रन बनाने का रिकार्ड स्थापित किया है।

25 मई, 1995 को सचिन ने डाक्टर अंजलि मेहता से विवाह कर लिया। उनके दो बच्चे हैं। बड़ी बच्ची का नाम “सराह” है जिसका अर्थ है किमती।

एक छोटा बेटा है। सचिन की अंजलि से 1990 में मुलाकात हुई। सचिन ने एक बार इंटरव्यू में कहा था- ”मुझे उससे प्यार इसलिए हो गया क्योंकि उसके गाल गुलाबी हो उठते हैं।”

सचिन के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य

  1. मात्र 12 वर्ष की उम्र में सचिन ने क्लब क्रिक्रेट (कांगा लीग) में खेलना शुरू किया।
  2. बाम्बे स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट में अपना पहला शतक 1936 में बनाया। फिर अगले वर्ष स्कूल क्रिकेट में 1200 रन बनाए जिनमें दो तिहरे शतक भी शामिल थे।
  3. 1988-89 में सचिन ने रणजी ट्राफी में बम्बई की तरफ से खेला और शतक बनाया। वह बम्बई की तरफ से खेलने वाला अब तक का सबसे कम उम्र का खिलाड़ी था। अगले वर्ष वह ईरानी ट्राफी के लिए टीम में शामिल हुआ और 103 रन बनाए।
  4. उसके पश्चात् दलीप ट्राफी में शामिल होने पर पश्चिमी जोन की ओर पूर्वी जोन के विरुद्ध 151 रन बनाए। इस प्रकार तीनों देशीय टूर्नामेंट में प्रथम बार भाग लेने पर शतक लगाने वाला प्रथम भारतीय खिलाड़ी बन गया।
  5. जब सचिन और विनोद काम्बली ने मिल कर सेट जेवियर्स के विरुद्ध शारदाश्रम के 664 रन बनाए तब किसी भी क्रिकेट खेल के लिए यह विश्व रिकार्ड बन गया।
  6. इसमें सचिन ने 326 नाट आउट का स्कोर बनाया। फिर बाम्बे क्रिकेट की ओर से उसे वर्ष का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी घोषित किया गया।
  7. 1991 में 18 वर्ष की आयु में सचिन यार्कशायर का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रथम खिलाड़ी बना। उस वर्ष उसे “वर्ष का क्रिकेटर” चुना गया।
  8. 1992 में वह पहला खिलाड़ी बना जिसे तीसरे अम्पायर द्वारा आउट करार दिया गया।
  9. सचिन ने अपने खेल की शुरुआत से लगातार हर टैस्ट मैच खेला और लगातार 84 टैस्ट खेले।
  10. सचिन 29 वर्ष 134 दिन की आयु में 100वां टैस्ट मैच खेलने वाला सबसे कम आयु का खिलाड़ी बना।
  11. सचिन का पहला टैस्ट 1989 में कराची में हुआ जो कपिल का 100 वां टैस्ट मैच था।
  12. जिन खिलाड़ियों ने 100 या अधिक टैस्ट मैच खेले हैं, उनमें सचिन का औसत सर्वाधिक है यानी 57.99 जब कि उसके बाद मियादाद का 57.57 है और गावस्कर का (51.12)।
  13. “राजीव गाधी खेल रत्न” पुरस्कार पाने वाला वर्ष 2006 तक सचिन एकमात्र क्रिकेटर हैं।
  14. 1992 में 19 वर्ष की आयु में टैस्ट मैच में 1000 रन बनाने वाला सचिन विश्व का सबसे कम उम्र का खिलाड़ी है।
  15. 20 वर्ष की आयु से पूर्व टैस्ट मैच में 5 शतक बनाने वाला सचिन प्रथम व एकमात्र खिलाड़ी है।
  16. सचिन ने अपना पहला टैस्ट शतक इंग्लैंड के विरुद्ध बनाया। तब उसने 119 रन बनाए और नॉट आउट रहा।
  17. अक्टूबर 2002 में सचिन 20000 रन बना कर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में इतने रन बनाने वाला विश्व का प्रथम बल्लेबाज बन गया।
  18. सचिन दुनियां का सफलतम बल्लेबाज है। 10 दिसम्बर, 2005 को सचिन 38 शतकों के साथ वन डे में सर्वाधिक 13909 रन बनाने वाला खिलाड़ी बना।
  19. सचिन ने 339 मैचों में 69 अर्द्धशतक लगाए।
  20. सचिन 38 शतक बनाकर विश्व रिकार्ड बना चुका है।
  21. सचिन ने 339 मैचों में 13415 रन बना लिए और विश्व में एक दिवसीय मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने।
  22. 339 मैच खेलने के बाद भी सचिन विश्व में दूसरे नम्बर का खिलाड़ी है।
  23. 50 बार वह “मैन ऑफ द मैच” का पुरस्कार जीत चुका है। यह एक रिकार्ड है।
  24. 10 दिसम्बर 2005 को सचिन ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटल मैदान पर टैस्ट मैचों में सर्वाधिक शतक (34 शतक) बनाने का सुनील गावस्कर का रिकार्ड तोड़ दिया और अपना 35वां शतक श्रीलंका के खिलाफ बनाया।
  25. इस टेस्ट मैच में उसने गावस्कर के 125 टैस्ट खेलने के रिकार्ड की भी बराबरी की।
  26. टेस्ट मैच में दस हजार से अधिक रन बनाने वाले सचिन सबसे युवा खिलाड़ी हैं।
  27. विज्ञापनों की दुनिया का उन्हें बादशाह कहा जाता है। सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 2006 में उन्होंने आइकोनिक्स से 6 वर्ष के लिए 180 करोड़ का अनुबंध किया।
  28. वह वन डे में सर्वाधिक 13909 रन (दिसम्बर-2005 तक) बना चुके थे।
  29. हीरो होंडा स्पोर्ट्स अकादमी ने वर्ष 2004 के लिए सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का श्रेष्ठतम खिलाड़ी नामांकित किया।
  30. मई 2006 तक सचिन 132 टैस्ट मैचों में 19469 रन और 362 वन डे मैचों में 14146 रन बना चुके थे।

सचिन को अक्सर क्रिकेट का भगवान कहा जाता है, सचिन से यह पूछे जाने पर कि उन्हें यह सुनकर कैसा लगता है, उनका कहना था- ”मैं देवता नहीं हूं। लेकिन खुशी मिलती है जब मेरे देश के लोग मुझ पर इतना भरोसा जताते हैं।

मैं देश के भाई-बहनों के चेहरे पर मुस्कान ला सकूं इससे बड़ी बात क्या होगी। भगवान ने यह वरदान दिया है।

मुझे आशा है कि आपको सचिन तेंदुलकर की कहानी आपको जरूर अच्छी लगी होगी, इसे अपने दोस्तों और क्रिकेट प्रेमियों के साथ भी शेयर करें।

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